Tuesday, 12 June 2012

दोड़े शहर 
रेलगाड़ी हुआ सा 
लटके हम
जिंदगी को पकड़ें 
जैसे गोद में बच्चा....

Tuesday, 13 March 2012


मत दिखाओ मेरे पावोँ को अपने मन की सड़क
फिर क्या पता वो रास्ता मुझे रास आ जाए