बिखरे मोती

आइए आपका इन्तजार था

 

मेरे प्रिय ब्लॉग एवं साइट

  • फ़ोण्ट-परिवर्तक
  • हिन्दी हाइकु
  • हिन्दी टाइम्स
  • सहज साहित्य
  • शब्दों का सफ़र
  • शब्दों का उजाला
  • लेखनी
  • लिपि परिवर्तक
  • लम्हों का सफ़र
  • रोमन से हिन्दी
  • रचनाकार
  • त्रिवेणी
  • उदन्ती
  • अभिव्यक्ति
  • अनुभूति

Tuesday, 28 August 2012

पंजाब केसरी में प्रकाशित, हमारे कविता-संग्रह "साँसों के हस्ताक्षर" पर एक रिव्यू.....


Posted by bikharemoti at 08:21 2 comments:
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Sunday, 26 August 2012

प्रेमचन्द सृजन पीठ , उज्जैन ( मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद् , मध्य प्रदेश शासन भोपाल) द्वारा'संवाद-सृजन_ का अंक 5 का प्रकाशन किया गया जिसका विमोचन 31 जुलाई को हुआ । इस विशेषांक में प्रकाशित हमारी एक लघुकथा......


Posted by bikharemoti at 16:38 No comments:
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Thursday, 23 August 2012

अभी-अभी 'विश्व हिन्दी न्यास', के द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में शिरकत करके लौटी हूँ.....सियाट्ल से पधारे हास्य कवि श्री अभिनव शुक्ल और न्यू यॉर्क से श्री अनूप भार्गव जी ने कवि सम्मेलन में 4 चाँद लगा दिये। हमने भी कविता पाठ किया.......एक फोटो अभिनव जी को अपने संग्रह भेंट करते हुए।


Posted by bikharemoti at 22:48 No comments:
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

आज दिनांक 12 अगस्त, दैनिक हिंदुस्तान ने , हाल ही में प्रकाशित हमारा काव्य-संग्रह, 'साँसों के हस्ताक्षर" के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट प्रकाशित की है......


Posted by bikharemoti at 22:45 1 comment:
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest
Newer Posts Older Posts Home
Subscribe to: Posts (Atom)

समय चक्र

 
डॉ. अनीता कपूर

Total Pageviews

ब्लॉग आँकड़ा

Popular Posts

  • शब्दांकन ई पत्रिका Shabdankan E magazine's http://www.shabdankan.com/p/1-2.html डॉ. अनीता कपूर: कविताएँ, चोका और लघुकथा
    Anita Kapoor  shared  शब्दांकन ई पत्रिका Shabdankan E magazine 's  photo . 9 hours ago Public Friends Friends except acquainta...
  • (no title)
    रफ़फू दिन की बस्ती के दोपहर वाले नुक्कड़ से आज एक शाम खरीद लायी हूँ मैं स्मृतियों के उलझे धागों से बीते दिनों को रफ़फू कर लूँगी ...
  • फेस्बूक
    -           डॉ अनीता कपूर फेस्बूक बनाम पिंगपोंग मार्क एलियट ज़ुकेरबर्ग ने , फेस्बूक का ईज़ाद करके , विश्व के बड़े से गोले को जैसे एक छ...
  • खिड़कियाँ
    लफ़्ज़ों के झाड़ ऊगे रहते थे जब तुम थे मेरे साथ हम दोनों थे हमारे पास रिश्ते की ओढनी थी लफ़्ज़ों के रंगीले सितारे   टंके ही रह...
  • (no title)
    आज  मैं खुद को समेटने लगी हूँ  जोड़-जोड़ घरौंदा बनाने लगी हूँ इतिहास को इतिहास ही रहने दो  मैंने नए आकाश तराशने के लिए  एक नयी औरत को आमंत्रण...
  • (no title)
    बोंजाई हर रोज़ यह चाँद रात की चोकीदारी में सितारों की फ़सल बोता है पर चाँद को सिर्फ बोंजाई पसंद है तभी तो वो सितारों को कभी ब...
  • लिखी है गज़ल शबनम-सी
    लिखी है गज़ल शबनम-सी लफ़्ज़ों की करामात है दबा दिया है दर्द को कैसे-कैसे ज़ख़्मों की खुराफात है सरे बाज़ार सर हथेली लिए आ...
  • सुधा ओम ढींगरा जी से लिया हुआ हमारा साक्षात्कार, जो सादर इंडिया पत्रिका में प्रकाशित हुआ
  • सहज साहित्य
    Thursday, September 29, 2011 डॉ अनीता कपूर की कविताएँ डॉ अनीता कपूर की कविताएँ [बात 1986 की है । अनीता कपूर जी का पहला का...
  • (no title)
    मत दिखाओ मेरे पावोँ को अपने मन की सड़क फिर क्या पता वो रास्ता मुझे रास आ जाए

About Me

My photo
bikharemoti
जीवन में बिखरा हुआ तो बहुत कुछ है, अपना वही है जो सँजोया जा सके । ऐसे ही कुछ पल सँजोने का प्रयास है यह ब्लॉग।
View my complete profile

वंदे मातरम्

वंदे मातरम्

पथ के साथी

Blog Archive

  • ▼  2015 (2)
    • ▼  April (2)
      • बोंजाई हर रोज़ यह चाँद रात की चोकीदारी में स...
      • आज मैं खुद को समेटने लगी हूँ जोड़-जोड़ घरौंदा बनाने...
  • ►  2014 (4)
    • ►  September (2)
    • ►  July (1)
    • ►  March (1)
  • ►  2013 (10)
    • ►  July (1)
    • ►  June (1)
    • ►  May (2)
    • ►  March (3)
    • ►  February (3)
  • ►  2012 (35)
    • ►  November (3)
    • ►  October (1)
    • ►  September (1)
    • ►  August (9)
    • ►  July (6)
    • ►  June (3)
    • ►  March (2)
    • ►  February (6)
    • ►  January (4)
  • ►  2011 (10)
    • ►  December (1)
    • ►  November (1)
    • ►  October (8)

ताजा टिप्पणियां

बिखरे मोती © All Rights Reserved.