Monday, 16 July 2012
Thursday, 5 July 2012
Friday, 29 June 2012
अधूरी नज़्म
अधूरी नज़्म
मिले थे हम बरसों बाद
तुमने कुछ सुनाया था...
मैंने भी उसमे कुछ जोड़ा था
तुम्हारी अधूरी नज़्म को
रूहानी शब्दों से थोड़ा सा मोड़ा था
मैंने जब कहा, कि देखो
अधूरी नज़्म को आगे बढा दिया
तुमने कहा, नहीं
ज़िंदगी को आगे बढ़ा दिया..
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